यिर्म यिर्मयाह, अध्याय यिर्मयाह, अध्याय 33
परमेश्वर की प्रतिज्ञा
यिर्मयाह को दूसरी बार यहोवा का सन्देश मिला। यिर्मयाह अभी भी रक्षक प्रांगण में ताले के अन्दर बन्दी था। यिर्म 32:2“यहोवा ने पृथ्वी को बनाया और उसकी वह रक्षा करता है। उसका नाम यहोवा है। यहोवा कहता है, निर्गमन 15:3; भजन 83:18‘यहूदा, मुझसे प्रार्थना करो और मैं उसे पूरा करूँगा। मैं तुम्हें महत्वपूर्ण रहस्य बताऊँगा। तुमने उन्हें कभी पहले नहीं सुना है।’ इस्राएल का परमेश्वर यहोवा है। यहोवा यरूशलेम के मकानों और यहूदा के राजाओं के महलों के बारे में यह कहता है। ‘शत्रु उन मकानों को ध्वस्त कर देगा। शत्रु नगर की चहारदीवारियों के ऊपर तक ढाल बनायेगा। शत्रु तलवार का उपयोग करेगा और इन नगरों के लोगों के साथ युद्ध करेगा।’”यिर्म 22:10
“‘यरूशलेम के लोगों ने बहुत बुरे काम किये हैं। मैं उन लोगों पर क्रोधित हूँ। मैं उनके विरुद्ध हो गया हूँ। इसलिये वहाँ मैं असंख्य लोगों को मार डालूँगा। बाबुल की सेना यरूशलेम के विरुद्ध लड़ने के लिये आएगी। यरूशलेम के घरों में असंख्य शव होंगे।व्यवस्था 31:17
“‘किन्तु उसके बाद मैं उस नगर में लोगों को स्वस्थ बनाऊँगा। मैं उन लोगों को शान्ति और सुरक्षा का आनन्द लेने दूँगा। यिर्म 30:17मैं इस्राएल और यहूदा में फिर से सब कुछ अच्छा घटित होने दूँगा। मैं उन लोगों को अतीत की तरह शक्तिशाली बनाऊँगा। यिर्म 29:14; यिर्म 30:3; यिर्म 31:4उन्होंने मेरे विरुद्ध पाप किये, किन्तु मैं उस पाप को धो दूँगा। वे मेरे विरुद्ध लड़े, किन्तु मैं उन्हें क्षमा कर दूँगा। यिर्म 31:34तब यरूशलेम आश्चर्यचकित करने वाला स्थान हो जायेगा। लोग सुखी होंगे और अन्य राष्ट्रों के लोग इसकी प्रशंसा करेंगे। यह उस समय होगा जब लोग यह सुनेंगे कि वहाँ सब अच्छा हो रहा है। वे उन अच्छे कामों को सुनेंगे जिन्हें मैं यरूशलेम के लिये कर रहा हूँ।’व्यवस्था 26:19
“तुम लोग यह कह रहे हो, ‘हमारा देश सूनी मरुभूमि है। वहाँ कोई व्यक्ति या कोई जानवर जीवित नहीं रहे।’ अब यरूशलेम की सड़कों और यहूदा के नगरों में निर्जन शान्ति है। किन्तु वहाँ शीघ्र ही चहल—पहल होगी। यिर्म 32:43वहाँ सुख और आनन्द की किलोलें होंगी। वहाँ वर—वधु की उमंग भरी चुहल होगी। वहाँ यहोवा के मन्दिर में अपनी भेंट लाने वाले की मधुर वाणी होगी। वे लोग कहेंगे, सर्वशक्तिमान यहोवा की स्तुति करो! यहोवा दयालु है! यहोवा की दया सदा बनी रहती है! लोग ये बातें कहेंगे क्योंकि मैं फिर यहूदा के लिये अच्छे काम करुँगा। यह वैसा ही होगा जैसा आरम्भ में था।” ये बातें यहोवा ने कही।भजन 136:1
सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है, “यह स्थान अब सूना है। यहाँ कोई लोग या जानवर नहीं रह रहें। किन्तु अब यहूदा के सभी नगरों में लोग रहेंगे। वहाँ गडरिये होंगे और चरागाहें होंगी जहाँ वे अपनी रेवड़ों को आराम करने देंगे। गडरिये अपनी भेड़ों को तब गिनते हैं जब भेड़ें उनके आगे चलती हैं। लोग अपनी भेड़ों को पूरे देश में चारों ओर पहाड़ी प्रदेश, पश्चिमी पर्वत चरण, नेगव और यहूदा के सभी नगरों में गिनेंगे।”
अच्छी शाखा
यह सन्देश यहोवा का है: “मैंने इस्राएल और यहूदा के लोगों को विशेष वचन दिया है। वह समय आ रहा है जब मैं वह करूँगा जिसे करने का वचन मैंने दिया है। यिर्म 23:5उस समय मैं दाऊद के परिवार से एक अच्छी शाखा उत्पन्न करुँगा। वह अच्छी शाखा वह सब करेगी जो देश के लिये अच्छा और उचित होगा। यश 11:1; यिर्म 23:5इस शाखा के समय यहूदा के लोगों की रक्षा हो जाएगी। लोग यरूशलेम में सुरक्षित रहेंगे। उस शाखा का नाम ‘यहोवा हमारी धार्मिकता (विजय) हैं।’”व्यवस्था 33:28; यिर्म 23:6
यहोवा कहता है, “दाऊद के परिवार का कोई न कोई व्यक्ति सदैव सिंहासन पर बैठेगा और इस्राएल के परिवार पर शासन करेगा यश 11:1; लूका 1:32और लेवी के परिवार से याजक सदैव होंगे। वे याजक मेरे सामने सदा रहेंगे और मुझे होमबलि, अन्नबलि और बलिभेंट करेंगे।”1 पतर 2:5; यश 61:6; मलाकी 3:3
यहोवा का यह सन्देश यिर्मयाह को मिला। यहोवा कहता है, “मैंने रात और दिन से वाचा की है। मैंने वाचा की कि वह सदैव रहेगी। तुम उस वाचा को बदल नहीं सकते। दिन और रात सदा ठीक समय पर आएंगे। यदि तुम उस वाचा को बदल सकते हो यिर्म 31:37तो तुम दाऊद और लेवी के साथ की गई मेरी वाचा को भी बदल सकते हो। तब दाऊद और लेवी के परिवार के वंशज राजा और पुरोहित नहीं हो सकेंगे। किन्तु मैं अपने सेवक दाऊद को और लेवी के परिवार समूह को अनेक वंशज दूँगा। वे उतने होंगे जितने आकाश में तारे हैं, और आकाश के तारों को कोई गिन नहीं सकता और वे इतने होंगे जितने सागर तट पर बालू के कण होते हैं और उन बालू के कणों को कोई गिन नहीं सकता।”उत्पत्ति 15:5; उत्पत्ति 22:17; उत्पत्ति 28:14
यहोवा का यह सन्देश यिर्मयाह ने प्राप्त किया: “यिर्मयाह, क्या तुमने सुना है कि लोग क्या कह रहे हैं वे लोग कह रहे हैं: ‘यहोवा ने इस्राएल और यहूदा के दो परिवारों को अस्वीकार कर दिया है। यहोवा ने उन लोगों को चुना था, किन्तु अब वह उन्हें राष्ट्र के रूप में भी स्वीकार नहीं करता।’”
यहोवा कहता है, “यदि मेरी वाचा दिन और रात के साथ बनी नहीं रहती, और यदि मैं आकाश और पृथ्वी के लिये नियम नहीं बनाता तभी संभव है कि मैं उन लोगों को छोड़ूँ। यिर्म 31:36; यिर्म 33:20तभी यह संभव होगा कि मैं याकूब के वंशजों से दूर हट जाऊँ और तभी यह हो सकता है कि मैं दाऊद के वंशजों को इब्राहीम, इसहाक और याकूब के वंशजों पर शासन करने न दूँ। किन्तु दाऊद मेरा सेवक है और मैं उन लोगों पर दया करूँगा और मैं फिर उन लोगों को उनकी धरती पर वापस लौटा लाऊँगा।”भजन 126:1; यिर्म 31:20; यहेज 39:25