फिलिप्प फिलिप्पियों, अध्याय फिलिप्पियों, अध्याय 2
जो अपने स्वरूप में यद्यपि साक्षात् परमेश्वर था,
किन्तु उसने परमेश्वर के साथ अपनी इस समानता को कभी
ऐसे महाकोष के समान नहीं समझा जिससे वह चिपका ही रहे।
जो अपने स्वरूप में यद्यपि साक्षात् परमेश्वर था,
किन्तु उसने परमेश्वर के साथ अपनी इस समानता को कभी
ऐसे महाकोष के समान नहीं समझा जिससे वह चिपका ही रहे।