फिलिप्प फिलिप्पियों, अध्याय फिलिप्पियों, अध्याय 2
जो अपने स्वरूप में यद्यपि साक्षात् परमेश्वर था,
किन्तु उसने परमेश्वर के साथ अपनी इस समानता को कभी
ऐसे महाकोष के समान नहीं समझा जिससे वह चिपका ही रहे।2 कुरिन्थ 4:4; कुलुस्स 1:15
जो अपने स्वरूप में यद्यपि साक्षात् परमेश्वर था,
किन्तु उसने परमेश्वर के साथ अपनी इस समानता को कभी
ऐसे महाकोष के समान नहीं समझा जिससे वह चिपका ही रहे।2 कुरिन्थ 4:4; कुलुस्स 1:15