व्यवस्था व्यवस्था विवरण, अध्याय व्यवस्था विवरण, अध्याय 21
यदि कोई व्यक्ति मारा हुआ पाया जाए
“उस देश में जिसे यहोवा तुम्हारा परमेश्वर तुम्हें रहने के लिए दे रहा है, कोई व्यक्ति मैदान में मरा हुआ पाया जा सकता है। किन्तु किसी को यह पता नहीं चल सकता कि उसे किसने मारा। तब तुम्हारे मुखिया और न्यायाधिशों को मारे गए व्यक्ति के चारों ओर से नगरों की दूरी को नापना चाहिए। जब तुम यह जान जाओ कि मरे व्यक्ति के समीपतम कौन सा नगर है तब उस नगर के मुखिया अपने झुण्डों में से एक गाय लेंगे। यह ऐसी गाय हो जिसने कभी बछड़े को जन्म न दिया हो। जिसका उपयोग कभी भी किसी काम करने में न किया गया हो। उस नगर के मुखिया उस गाय को बहुत जल वाली घाटी में लाएंगे। यह ऐसी घाटी होनी चाहिए जिसे कभी जोता न गया हो और न उसमें पेड़ पौधे रोपे गये हों। तब मुखियाओं को उस घाटी में वहीं उस गाय की गर्दन तोड़ देनी चाहिए। लेवीवंशी याजकों को वहाँ जाना चाहिए। (यहोवा तुम्हारे परमेश्वर ने इन याजकों को अपनी सेवा के लिए और अपने नाम पर आशीर्वाद देने के लिए चुना है। याजक यह निश्चित करेंगे कि झगड़े के विषय में कौन सच्चा है।) व्यवस्था 10:8; व्यवस्था 17:8मारे गये व्यक्ति के समीपतम नगर के मुखिया अपने हाथों को उस गाय के ऊपर धोएंगे जिसकी गर्दन घाटी में तोड़ दी गई है। भजन 26:6; मत्ती 27:24ये मुखिया अवश्य कहेंगे, ‘हमने इस व्यक्ति को नहीं मारा और हमने इसका मारा जाना नहीं देखा। यहोवा, इस्राएल के लोगों को क्षमा कर, जिनका तूने उद्धार किया है। अपने लोगों में से किसी निर्दोष व्यक्ति को दोषी न ठहराने दे।’ तब वे हत्या के लिये दोषी नहीं ठहराए जाएंगे। इन मामलों में वह करना ही तुम्हारे लिये ठीक है। ऐसा करके तुम किसी निर्दोष की हत्या करने के दोषी नहीं रहोगे।
युद्ध में प्राप्त स्त्रियाँ
“तुम अपने शत्रुओं से युद्ध करोगे और यहोवा तुम्हारा परमेश्वर उन्हें तुमसे पराजित करायेगा। तब तुम शत्रुओं को बन्दी के रूप में लाओगे। और तुम युद्ध में बन्दी किसी सुन्दर स्त्री को देख सकते हो। तुम उसे पाना चाह सकते हो और अपनी पत्नी के रूप में रखने की इच्छा कर सकते हो। निर्गमन 34:16; व्यवस्था 7:3तुम्हें उसे अपने परिवार में अपने घर लाना चाहिए। उसे अपने बाल मुड़वाना चाहिए और अपने नाखून काटने चाहिए। उसे अपने पहने हुए कपड़ों को उतारना चाहिए। उसे तुम्हारे घर में रहना चाहिए और एक महीने तक अपने माता—पिता के लिए रोना चाहिए। उसके बाद तुम उसके साथ यौन सम्बन्ध स्थापित कर सकते हो और उसके पति हो सकते हो। और वह तुम्हारी पत्नी बन जाएगी। किन्तु यदि तुम उससे प्रसन्न नहीं हो तो तुम उसे जहाँ वह चाहे जाने दे सकते हो। किन्तु तुम उसे बेच नहीं सकते। तुम उसके प्रति दासी की तरह व्यवहार नहीं कर सकते। क्यों? क्योंकि तुम्हारा उसके साथ यौन सम्बन्धथा।मलाकी 2:16; मत्ती 19:8; व्यवस्था 24:1
एक व्यक्ति की दो पत्नियों के बच्चे
“एक व्यक्ति की दो पत्नियाँ हो सकती हैं और वह एक पत्नी से दूसरी पत्नी की अपेक्षा अधिक प्रेम कर सकता है। दोनों पत्नियों से उसके बच्चे हो सकते हैं और पहला बच्चा उस पत्नी का हो सकता है जिससे वह प्रेम न करता हो। उत्पत्ति 29:30; 1 शमू 1:5जब वह अपनी सम्पत्ति अपने बच्चों में बाँटेगा तो अधिक प्रिय पत्नी के बच्चे को वह विशेष वस्तु नहीं दे सकता जो पहलौठे बच्चे की होती है। उस व्यक्ति को तिरस्कृत पत्नी के बच्चे को ही पहलौठा बच्चा स्वीकार करना चाहिए। उस व्यक्ति को अपनी चीजों के दो भाग पहलौठा पुत्र को देना चाहिए। क्यों? क्योंकि वह पहलौठा बच्चा है।उत्पत्ति 49:3; 2 राजा 2:9
आज्ञा न मानने वाले पुत्र
“किसी व्यक्ति का ऐसा पुत्र हो सकता है जो हठी और आज्ञापालन न करने वाला हो। यह पुत्र अपने माता—पिता की आज्ञा नहीं मानेगा। माता—पिता उसे दण्ड देते हैं किन्तु पुत्र फिर भी उनकी कुछ नहीं सुनता। व्यवस्था 13:6; व्यवस्था 13:8उसके माता—पिता को उसे नगर की बैठक वाली जगह पर नगर के मुखियों के पास ले जाना चाहिए। उन्हें नगर के मुखियों से कहना चाहिए: ‘हमारा पुत्र हठी है और आज्ञा नहीं मानता। वह कोई काम नहीं करता जिसे हम करने के लिये कहते हैं। वह आवश्यकता से अधिक खाता और शराब पीता है।’ तब नगर के लोगों को उस पुत्र को पत्थरों से मार डालना चाहिए। ऐसा करके तुम अपने में से इस बुराई को खत्म करोगे। इस्राएल के सभी लोग इसे सुनेंगे और भयभीत होंगे।व्यवस्था 13:11; व्यवस्था 17:13; व्यवस्था 19:19; 1 कुरिन्थ 5:13
अपराधी मारे और पेड़ पर लटकाये जाते हैं
“कोई व्यक्ति ऐसे पाप करने का अपराधी हो सकता है जिसे मृत्यु का दण्ड दिया जाए। जब वह मार डाला जाए तब उसका शरीर पेड़ पर लटकाया जा सकता है। जब ऐसा होता है तो उसका शरीर पूरी रात पेड़ पर नहीं रहना चाहिए। तुम्हें उसे उसी दिन निश्चय ही दफना देना चाहिए। क्यों? क्योंकि जो व्यक्ति पेड़ पर लटकाया जाता है वह परमेश्वर से अभिशाप पाया हुआ होता है। तुम्हें उस देश को अपवित्र नहीं करना चाहिए जिसे यहोवा तुम्हारा परमेश्वर तुम्हें रहने के लिए दे रहा है।गलात 3:13